Wednesday, May 18, 2011
तेरी आँखों में ...
तेरी आँखों में हया की नमी हो जाए
तो शायद मुझे तुमपे यकीं हो जाए !!
तो शायद मुझे तुमपे यकीं हो जाए !!
बेकरारी भले हो पर आऊँगा तभी जब
तेरी जुल्फों में जुओं की कमी हो जाए !!
तेरी जुल्फों में जुओं की कमी हो जाए !!
बादल की अमानत जमी से ही है
क्या करे बादल जब बेवफा जमी हो जाए !!
क्या करे बादल जब बेवफा जमी हो जाए !!
बेशक क़त्ल करो मेरा पर डरता हूँ कि
साँसे तेरी हैं, कत्ल न इनका कहीं हो जाए !!
साँसे तेरी हैं, कत्ल न इनका कहीं हो जाए !!
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Thursday, May 12, 2011
Thursday, April 28, 2011
जाने क्या सोचा था...
बुझ गयी वो लौ , लौ तुमने फूँक दी
जिन्दगी क्या , अब कफ़न में कयाम देखेंगे !!
तेरी जिद पे किनारे खड़े , खड़े ही रहे
अब आंसुओं में शरीक हर शाम देखेंगे !!
अब आंसुओं में शरीक हर शाम देखेंगे !!
हँसी ख़ुशी इक लहजा , लहजे का क्या
जाम -ए- ख़ुशी में तुम ,हम जहर का जाम देखेंगे !!
जाम -ए- ख़ुशी में तुम ,हम जहर का जाम देखेंगे !!
गवाँ दिया सब तेरे पीछे बे -इन्तहां होकर
बदले में मिला जख्म का इनाम देखेंगे !!
बदले में मिला जख्म का इनाम देखेंगे !!
ये और बात है , हमें वफ़ा न मिली
हर जर्रे में मगर , तेरा ही नाम देखेंगे !!
हर जर्रे में मगर , तेरा ही नाम देखेंगे !!
दौलत पूछो न , गीत गजल के सिवा कुछ नही
इश्क बाजारी में 'हातिफ' ,इस गजल का दाम देखेंगे !!
इश्क बाजारी में 'हातिफ' ,इस गजल का दाम देखेंगे !!
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- RITIK HATIF
Monday, April 25, 2011
काश मेरी हो तेरी ये मूरत
तुमको ही जाने,तुम्हे पहचाने
मेरा वुजूद को जाना है ?
तेरी ही गलियाँ, तेरे दीवाने
तेरी वजह से मैखाना है !
तेरे हुस्न पे दुनिया नाचै,
जिसको देखो गुन तेरा बाचै,
हम तो भी अब लिखने लगे हैं
गान भी तेरा करने लगे हैं !
तेरे फिकर में हम हुए आधा,
इस श्याम की तू है राधा,
तू चन्दा हम सितार हुए हैं
तेरी यादों के बाज़ार हुए हैं !
इस श्याम की तू है राधा,
तू चन्दा हम सितार हुए हैं
तेरी यादों के बाज़ार हुए हैं !
उफ़ ये तेरी आँखें समंदर ,
होता नहीं पर डूबने का डर,
डूब गया तो मेरी किस्मत
काश मेरी हो तेरी ये मूरत !!
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-RITIK 'HATIF'
Tuesday, April 19, 2011
B Tech के चार साल
हर आँसू हर हाल , तेरे पीछे
B Tech के चार साल , तेरे पीछे !!
पढ़ने के दौर का क्या
टीचर्स से हुआ बवाल ,तेरे पीछे !!
लैब प्रोग्राम्स की तरह
बनते हैं सवाल , तेरे पीछे !!
न्यूटन है मिसाल तो क्या मै कम हूँ
निकम्मों में मै मिसाल तेरे पीछे !!
कहाँ कहाँ न गया मै
स्टैंड , सेमिनार हाल तेरे पीछे !!
एन्स्वर शीट पे तेरा चेहरा और
कलम से निकले गुलाल,तेरे पीछे !!
आज नही तो कल फँसोगे
बना हूँ इक जाल तेरे पीछे !!
B Tech के चार साल , तेरे पीछे !!
पढ़ने के दौर का क्या
टीचर्स से हुआ बवाल ,तेरे पीछे !!
लैब प्रोग्राम्स की तरह
बनते हैं सवाल , तेरे पीछे !!
न्यूटन है मिसाल तो क्या मै कम हूँ
निकम्मों में मै मिसाल तेरे पीछे !!
कहाँ कहाँ न गया मै
स्टैंड , सेमिनार हाल तेरे पीछे !!
एन्स्वर शीट पे तेरा चेहरा और
कलम से निकले गुलाल,तेरे पीछे !!
आज नही तो कल फँसोगे
बना हूँ इक जाल तेरे पीछे !!
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-रितिक 'हातिफ'Friday, April 15, 2011
भारत की सर जमी.................!!
कुराँ की जुबाँ, वेदों की जतन बनी रहे !
भारत की सर जमी ,बनी दुल्हन बनी रहे !!
भारत की सर जमी ,बनी दुल्हन बनी रहे !!
कोई ऊंचा न कोई नीचा हो
मन में तरंगी उमंग रहे
और हिन्द पताका ऊंचा हो
दौलत आनी जानी है, बस मन की कंचन बनी रहे !
भारत की सर जमी , बनी दुल्हन बनी रहे !!
इस पार गयीं, उस पार गयीं
न जाने किस किस पार गयीं
आवाज़ उठी जो आँगन से
घर की तुलशी , माटी में चन्दन बनी रहे !
भारत की सर जमी ,बनी दुल्हन बनी रहे !!
छूटा कोई अपना रूठ न जाय
सुनी सुनाई बातों से बस
प्रेम की रेशम टूट न जाय
मत जुदा हों पर, दिल की मिलन बनी रहे !
भारत की सर जमी , बनी दुल्हन बनी रहे !!
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-रितिक 'हातिफ'
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