Thursday, March 25, 2010

मेरी तो बस कलम है

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अँधेरे के पीछे क्यूँ भागते हो
रोशनी की गैर-हाजिरी को पढो
आइन्स्टाइन ने कहा था ऐसा
मेरी तो बस कलम है,

अकेले चलने में डरो न कभी
दुनिया बाद में पीछे जरूर आएगी
बुद्ध की करनी थी ऐसी
मेरी तो बस कलम है,

हिंसा यूँ ही न करते फिरो
करो जब अहिंसा से सत्य न कायम हो
कृष्ण ने कहा था ऐसा
मेरी तो बस कलम है,

माफ़ कर दो उन सभी को दिल से
जो सत्य से परे हैं फिरते
यीशु ने कहा था ये
मेरी तो बस कलम है.

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